सरकार पत्थर खदान नीलामी के विरोध को दबाने के बजाय जनता की समस्याओं को सुने – बाघे

सारंगढ़/ पत्थर खदान नीलामी के विरोध में उठ रही जनभावनाओं को दबाने के बजाय सरकार को जनता की वास्तविक समस्याओं और चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और उसे दबाने के बजाय समाधान निकालना सरकार की जिम्मेदारी है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गोपाल बाघे ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार आम जनता को परेशान करने वाली नीतियां बना रही है और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्राम कुटेला, चंदाई, रापागुला, खैराहा, दुर्गापाली, खम्हारडीह, गताडीह, जुनाडीह, पचपेड़ी, भोजपुर और सुलोनी सहित दर्जनों गांवों में प्रस्तावित खदान और चूना फैक्ट्री से पर्यावरण, जल स्रोत, खेती और ग्रामीणों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इन चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आगे कहा कि यदि जनता विरोध कर रही है, तो उसके पीछे ठोस कारण हैं। सरकार को चाहिए कि इन कारणों को समझे और उनका उचित समाधान निकाले, न कि आवाज को दबाने का प्रयास करे।
महामंत्री बाघे ने कहा कि जनता से बढ़कर कोई नहीं है और सरकार को उद्योगपतियों के बजाय जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। यदि सरकार जनता की भावनाओं की अनदेखी करेगी, तो जनता उसे सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।




