
हरदी बाज़ार में सनसनी:
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही खुलेगा सच
संवाददाता: मोहन चौहान, लाइव भारत 36 न्यूज़
हरदी बाज़ार क्षेत्र के छिंदपुर निवासी पवन कुमार श्रीवास (46 वर्ष), पिता–रामआश्रय, आज सुबह सड़क किनारे मृत अवस्था में मिले, जिससे पूरे गांव में दहशत और कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, पंचनामा किया, मर्ग कायम किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मौत के हालातों ने शंका को और गहरा कर दिया है—
क्या यह सचमुच रोड एक्सीडेंट था,
या किसी ने इस मौत को हादसे की शक्ल देकर सच छुपाने की कोशिश की?
ग्रामीणों का कहना है कि
मृत शरीर की स्थिति,
स्थान की परिस्थिति,
और शरीर पर मिले निशान
यह संकेत देते हैं कि मामला सामान्य नहीं है।
लोगों का आरोप है कि
पंचनामा असली घटना स्थल पर नहीं किया गया,
जिससे संदेह और भी बढ़ गया है।
गांव के लोग पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।
उनका कहना है कि पुलिस की ढीली और अधूरी कार्यवाही ने भरोसा बढ़ाने के बजाय और ज्यादा संदेह खड़ा किया है।
अब सवाल यह है—
क्या पुलिस सच सामने लाएगी या यह केस भी संदिग्ध मौत की फाइलों में खो जाएगा?
परिवार पर टूटा दुख का पहाड़ — हर्ष और मुस्कान का भविष्य अंधेरे में
पवन कुमार श्रीवास अपने पीछे दो मासूम बच्चों को छोड़ गए है
11 साल का बेटा: हर्ष श्रीवास
5 साल की बेटी: मुस्कान श्रीवास
दोनों बच्चों की आँखों में सिर्फ एक ही सवाल है
पापा वापस क्यों नहीं आए?”
गांव शोक और आक्रोश में डूबा हुआ है।
लोग परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा सच
अब पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिका है।
यही रिपोर्ट बताएगी कि यह
वास्तविक रोड हादसा था या
सुनियोजित हत्या, जिसे एक्सीडेंट का रूप दिया गया।
गांव और परिवार की निगाहें अब पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।




