30 अप्रैल तक बढ़ाओ ऋण तिथि, वरना सड़कों पर उतरेंगे किसान

किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम, सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
रिपोर्टर विनय पटेल
बैरसिया।किसानों की आर्थिक बदहाली और नीतिगत विसंगतियों के खिलाफ किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने सरकार के खिलाफ निर्णायक मोर्चा खोल दिया है।जिला ग्रामीण किसान कांग्रेस अध्यक्ष रामभाई मेहर के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए साफ चेतावनी दी— 30 अप्रैल तक ऋण जमा तिथि नहीं बढ़ाई गई तो प्रदेशभर में जबरदस्त आंदोलन होगा

सरकार के ‘कृषक कल्याण वर्ष’ पर सवाल
किसान कांग्रेस ने सरकार के कृषक कल्याण वर्ष-2026 के दावों को जमीनी हकीकत से कोसों दूर बताते हुए आरोप लगाया कि नीतियां किसानों को राहत देने के बजाय संकट में धकेल रही हैं
कर्ज में डूबेगा किसान, नहीं भर पाएगा ब्याज
रामभाई मेहर ने कहा कि सहकारी ऋण जमा करने की अंतिम तिथि 28 मार्च है
जबकि गेहूँ की MSP खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी
ऐसे में किसानों को भुगतान अप्रैल के बाद मिलेगा, जिससे वे समय पर कर्ज नहीं चुका पाएंगे और ओवरड्यू व ब्याज के जाल में फंस जाएंगे।
मुख्य मांगें पूरे बैरसिया क्षेत्र के लिए बैरसिया नगर पालिका के पास मात्र एक ही फायर बिग्रेड है उक्त फायर बिग्रेड से आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है प्रत्येक थाने में एक एक फायर बिग्रेड उपलब्ध कराने की मांग की है
ऋण जमा तिथि 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई जाए
अमेरिका से टैक्स-फ्री सोयाबीन तेल आयात पर रोक लगे।ओलावृष्टि, बारिश और आग से नुकसान फसलों का तुरंत सर्वे और मुआवजा। गेहूँ की MSP बढ़ाकर 4000 रुपये/क्विंटल की जाए। मंडियों में MSP पर पारदर्शी खरीदी सुनिश्चित होडीजल वितरण पर लगाए गए प्रतिबंध तुरंत वापस हों।
बैरसिया मंडी में गेहूँ का भाव केवल 2200–2300 रुपये प्रति क्विंटल बताया गया, जो MSP से भी कम है। वहीं बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
आंदोलन होगा, पीछे नहीं हटेंगे
किसान कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि
कोई भी किसान ब्याज या पेनाल्टी नहीं देगा। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा
मंडी में गिरते दाम, बढ़ती लागत
बड़ी संख्या में जुटे किसान और नेता
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजकुमारी सुंदर लाल केवट, लोकेश दांगी, मदन सिंह ठाकुर, कमलेंद्र सिंह सोलंकी, राजू धाकड़, अखंड प्रताप सिंह, चंचल खत्री, रघु यादव, पप्पू भैया कुशवाह ,कमल सिंह गुर्जर, परशुराम गुर्जर, राज मेहर ,रुद्र प्रताप सिंह ,वीरेन्द्र दांगी ,अरुण सोलंकी ,पर्वत सिंह सिलवट, बहादुर गुर्जर, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी कार्यकर्ता और क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।
स्थिति गंभीर, सरकार की अग्निपरीक्षा
किसानों की बढ़ती नाराजगी अब खुलकर सामने आ चुकी है। यदि सरकार ने समय रहते समाधान नहीं निकाला, तो यह मुद्दा प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है




