छत्तीसगढ़

प्रकृति की पुकार पर एकजुट हुआ कोरबा,रानी झरिया में चला विशाल स्वच्छता अभियान

संवादाता मोहन चौहान लाइव भारत 36 न्यूज

कोरबा जिले की पहचान, सुकून और हरियाली की गोद में बसा रानी झरिया सिर्फ एक पिकनिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति की जीवित धरोहर है।
रविवार को इस धरोहर के लिए इंसानियत और जिम्मेदारी एक साथ आगे आई।
वन विभाग, स्थानीय समिति और नोवा नेचर से जुड़े पर्यावरण प्रेमियों ने मिलकर रानी झरिया में विशाल स्वच्छता अभियान चलाया। यह अभियान केवल सफाई का नहीं, बल्कि धरती के प्रति प्रेम और भविष्य की चिंता का प्रतीक बन गया।
सालों से जमा कचरे को हटाते हुए जब लोगों के हाथ गंदगी से सने थे, तब उनकी आँखों में एक ही सवाल था—
क्या हम अपनी प्रकृति को यूँ ही मरने देंगे?
हरियाली, बहती जलधारा और शांत वातावरण को बचाने के लिए किए गए श्रमदान ने यह साबित कर दिया कि
पर्यावरण की रक्षा कोई मजबूरी नहीं, बल्कि हर इंसान का कर्तव्य है।
इस अवसर पर जितेंद्र सारथी ने भावुक शब्दों में कहा—
“हम अपनी जिम्मेदारी निभाने का पूरा प्रयास करते हैं और आगे भी करते रहेंगे।
लेकिन प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी किसी एक की नहीं, हम सभी की है।
जब समाज एकजुट होगा, तभी हमारी प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह पाएगी।”
स्थानीय नागरिकों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह संदेश दे गई कि कोरबा का समाज अब जाग चुका है।
रानी झरिया को बचाने की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सीख और प्रेरणा बनेगी।
यह सिर्फ स्वच्छता अभियान नहीं था…
यह प्रकृति से टूटते रिश्ते को फिर से जोड़ने की एक सच्ची कोशिश थी।

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