कोरबाछत्तीसगढ़

हरदी बाज़ार, रेन्की और सराईसिंगर की जनता आज गुस्से में है—इतना गुस्सा कि SECL और पुलिस दोनों की नींद उड़ जाए।

हरदी बाज़ार: थाने की छत से SECL का ड्रोन—

हरदी बाजार से लाइव भारत 36 न्यूज के लिए मोहन चौहान कि रिपोर्ट

अब जनता पूछ रही है: पुलिसवाले, शर्म की आख़िरी सीमा पार हो गई क्या?**

हरदी बाज़ार, रेन्की और सराईसिंगर की जनता आज गुस्से में है—
इतना गुस्सा कि SECL और पुलिस दोनों की नींद उड़ जाए।

क्योंकि सवाल सिर्फ ड्रोन का नहीं है…
सवाल जनता की इज्जत, सुरक्षा और विश्वास का है।

थाने की छत से SECL का ड्रोन उड़ गया…

और पुलिस चुप है—क्यों?

थाना वो जगह है
जहाँ जनता न्याय लेने आती है,
डर मिटाने आती है,
भरोसा लेकर आती है।

पर हरदी बाज़ार थाने ने क्या किया?

कल जिस ड्रोन के ऊपर FIR हुई थी,
आज वही ड्रोन थाने की छत से उड़ गया।

अब जनता पूछ रही है—

क्या थाना SECL का दफ्तर बन गया है?

क्या पुलिस जनता की सुरक्षा करती है या कंपनी की नौकरी?

किस अधिकारी ने थाने की छत को ड्रोन लॉन्च-पैड बना दिया?

क्या एक FIR का काग़ज़ सिर्फ दिखावा था?

रेन्की और सराईसिंगर के लोगों का एक ही सवाल—

“अगर पुलिस ही हमारी निगरानी करने लगे, तो हम जाएँ कहाँ?

गाँव की महिलाएँ, बूढ़े लोग और नौजवान सब कह रहे हैं—
“हमने पुलिस पर भरोसा किया… पर पुलिस ने SECL पर भरोसा कर लिया।”

एक महिला की बात ने लोगों का दिल चीर दिया—

“बेटा… हम FIR लिखवाने गए थे इज्जत बचाने—
पता नहीं था कि थाने की छत से ही हमारी इज्जत हवा में उड़ा दी जाएगी।”


गाँव कोई खुला मैदान नहीं है—ये बात पुलिस क्यों नहीं समझी?

हरदी बाज़ार, रेन्की और सराईसिंगर की जनता ने साफ कहा—

कोई नहा रहा होगा…

कोई शौच के लिए गया होगा…

किसी की बहू-बेटी आँगन में होगी…

और ऊपर से कैमरा घूम रहा है!

ये सिर्फ ड्रोन नहीं था—
ये जनता की हदों पर सीधा हमला था।

SECL को भी जनता का सीधा संदेश—
ड्रोन उड़ाकर विकास नहीं होता, डर पैदा होता है!

जनता ने कहा—

“SECL जब हमारी जमीन ले लेती है, तो हम चुप रहते हैं।
पर अब हमारी इज्जत पर कैमरा ले आए?
ये नहीं चलेगा!”

SECL को समझ लेना चाहिए—
डर से कंपनी चलती नहीं, जनता खड़ी हो जाती है।

और सबसे बड़ा सवाल—

थाना SECL का पार्टनर है या जनता का रक्षक?

आज जनता पूछ रही है—

अगर थाने की छत से अन्याय उड़ता है,
तो न्याय कहाँ मिलेगा?”

ये सवाल पुलिसवालों के सीने पर बोझ बनकर रह जाएगा—
और SECL के अधिकारियों को भी रात में नींद नहीं आने देगा।

हरदी बाज़ार, रेन्की और सरायसिंगर अब चुप नहीं रहने वाले—

ड्रोन उड़ गया… पर जनता की आवाज़ अब जमीन तक नहीं रुकेगी।**

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