छत्तीसगढ़

हरदी बाज़ार: थाना परिसर के ऊपर से उड़ाया गया ड्रोन—शनिवार को ग्रामीणों ने रोकवाया था सर्वे, आज दोबारा उड़ान से उभरा आक्रोश; SECL और थाना प्रशासन दोनों पर उठे सवाल

हरदी बाज़ार क्षेत्र में ड्रोन सर्वे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार को सराईसिंगर, हरदी बाज़ार और रेकी क्षेत्र के ग्रामीणों ने एकजुट होकर SECL के ड्रोन सर्वे को रोक दिया था। उनका साफ आरोप था कि बिना ग्रामीणों की सहमति और बिना उचित सूचना के किया जा रहा यह ड्रोन सर्वे स्थानीय लोगों के अधिकारों और गोपनीयता का उल्लंघन है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज सुबह हरदी बाज़ार थाना परिसर के ठीक ऊपर से फिर ड्रोन उड़ता दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में और अधिक नाराज़गी फैल गई। लोगों को यह बात चुभ गई कि जिन जगहों पर सुरक्षा और प्रशासन की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा होती है, वहीं के ऊपर से ड्रोन उड़ाया गया—वह भी तब, जब जनता पहले ही इसका विरोध कर चुकी है।

ग्रामीणों का आरोप — “जब शनिवार को रोक दिया था, फिर आज किसने उड़ाया?”

स्थानीय लोगों ने साफ तौर पर कहा—
“हमने शनिवार को ड्रोन रूकवाया था, सबके सामने रोका था। आज फिर किसकी अनुमति से उड़ाया गया? अगर यह ड्रोन SECL का है, तो SECL जिम्मेदार है। और अगर थाना के ऊपर से ही उड़ाया गया है, तो थाना भी जवाब दे कि ड्रोन को किसने इजाजत दी।”

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर थाना परिसर के ऊपर से ड्रोन उड़ रहा है, तो यह सुरक्षा संबंधी चिंता भी पैदा करता है। थाने जैसी संवेदनशील जगह पर भी ड्रोन उड़ जाए और किसी को जानकारी न हो—यह खुद में बड़ा सवाल है।

SECL की भूमिका पर संदेह गहराता

शनिवार को हुए विरोध के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि SECL इस मुद्दे पर स्पष्टता देगा, लेकिन आज की उड़ान ने स्थिति को और उलझा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि SECL ड्रोन उड़ाए या कोई तीसरा पक्ष—उनकी ज़मीन, घर और गतिविधियों पर बिना अनुमति किए जा रहे सर्वे को वे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।

थाना प्रशासन पर भी प्रश्नचिह्न

थाना परिसर के ऊपर सीधे उड़ान होने से स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी सवालों में है। ग्रामीणों का कहना है कि—
“ड्रोन जब थाना के ऊपर उड़ रहा था, तो क्या थाना प्रशासन को पता नहीं था? अगर पता था तो किसने अनुमति दी? और अगर बिना जानकारी के उड़ा—तो यह सुरक्षा की बड़ी चूक है।”

ग्रामीणों की चेतावनी—“अगर मनमानी जारी रही, तो बड़ा आंदोलन करेंगे”

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह मामला अब केवल ड्रोन का नहीं रहा, बल्कि यह उनकी जमीन, सुरक्षा, निजी अधिकार और पारदर्शिता का सवाल बन चुका है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है:

“अगर बिना सहमति के ड्रोन उड़ाने की यह मनमानी जारी रही, तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रशासन को जनता की आवाज़ को अनसुना नहीं करना चाहिए।”

जनता की मांग — तुरंत जांच और जवाबदारी तय की जाए

ग्रामीणों ने पोर्टल, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की है कि—

ड्रोन को किसने उड़ाया?

किसके आदेश पर उड़ाया गया?

क्या इसका संबंध SECL के सर्वे से है?

थाना परिसर के ऊपर ड्रोन उड़ने का उद्देश्य क्या था?

आखिर जनता के विरोध के बाद भी सर्वे दोबारा क्यों हुआ?

इन सभी सवालों का जवाब SECL और थाना प्रशासन दोनों को मिलकर देना होगा, तभी जनता की शंका दूर होगी।

Related Articles

ADVERTISEMENT