कलेक्टर ने किया बैरसिया अनुभाग का व्यापक भ्रमण, महिला समूहों से संवाद कर बढ़ाया उत्साह

42 ग्रामों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने वाली जल प्रदाय योजना का निरीक्षण, शिक्षा संस्थानों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

रिपोर्टर विनय पटेल
बैरसिया।। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बुधवार को बैरसिया अनुभाग का व्यापक भ्रमण कर महिला सशक्तिकरण, पेयजल आपूर्ति, कौशल विकास और शिक्षा से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों एवं संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य लोगों को स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को सभी विकास कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
महिला समूहों से संवाद कर जाना सफलता का सफर
भ्रमण की शुरुआत विकासखंड बैरसिया प्रशिक्षण केंद्र से हुई, जहां कलेक्टर मिश्रा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संकुल स्तरीय संगठनों (सीएलसी) की अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सचिवों के साथ बैठक की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली तथा उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि आजीविका मिशन केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने का अभियान है। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे स्वयं ऋण लेकर स्वरोजगार गतिविधियों का विस्तार करें, अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाएं और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
बैठक के दौरान महिलाओं ने ‘बैंक सखी’, ‘टैक्स सखी’ और ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मिशन से जुड़ने के बाद न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है बल्कि परिवार और समाज में उनकी भूमिका भी सशक्त हुई है। कलेक्टर ने महिलाओं को वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल लेन-देन और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने की बात कही ताकि उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त हो सके।
गांवों में शिक्षा और आजीविका को जोड़ने पर दिया जोर
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और आजीविका को एक-दूसरे से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस ग्राम में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यालयों के लिए परिवहन सुविधा प्रारंभ होगी, वे स्वयं वहां का दौरा करेंगे। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक नेतृत्व की भूमिका निभाने, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
42 गांवों को मिलेगा शुद्ध पेयजल
इसके पश्चात कलेक्टर श्री मिश्रा ने संजय सागर नाहरलाई समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने पर बैरसिया अनुभाग के 42 ग्रामों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा परियोजना को समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
आईटीआई में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं के निर्देश
भ्रमण के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने शासकीय आईटीआई भवन बैरसिया का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रयोगशालाओं तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
इस दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के छात्र विशेष अहिरवार से चर्चा कर प्रशिक्षण व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सांदीपनी विद्यालय में जल व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
भ्रमण के अंतिम चरण में कलेक्टर श्री मिश्रा ने शासकीय सांदीपनी ठाकुर लाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैरसिया का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं का अवलोकन कर प्राचार्य श्री एच.एन. मिश्रा को नियमित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा भवन के रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने आगामी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विद्यालय परिसर में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही नवीन शैक्षणिक सत्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर विद्यार्थियों की सहभागिता से गरिमामय कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। महिलाओं का सशक्तिकरण, युवाओं का कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में हैं तथा इन क्षेत्रों में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।




