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बैरसिया—एसडीएम आशुतोष शर्मा का जन्मदिन बना विश्वास का उत्सव


रिपोर्टर विनय पटेल
बैरसिया तहसील में इस वर्ष एक भावनात्मक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। एसडीएम आशुतोष शर्मा का जन्मदिन जनआस्था, सादगी और आत्मीयता का प्रतीक बन गया। पूर्व संध्या पर उनके निवास पर आयोजित सुंदरकांड पाठ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महाशिवरात्रि के उपरांत भी बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक समय निकालकर इस आयोजन में शामिल हुए। पाठ की पूर्णाहुति पर क्षेत्रीय विधायक विष्णु खत्री ने आरती कर मंगलकामनाएँ अर्पित कीं।
जन्मदिन की सुबह का सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब श्री शर्मा ने सर्वप्रथम अपनी माताजी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य मानो यह संदेश दे रहा था कि ऊँचे पद पर पहुँचकर भी संस्कार ही व्यक्ति की असली पहचान होते हैं। इसके बाद दिनभर उनके निवास पर शुभकामनाएँ देने वालों का सिलसिला चलता रहा। अमीर-गरीब, युवा-बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग सैकड़ों की संख्या में पहुँचे, जिसने यह साबित कर दिया कि यह केवल एक अधिकारी का जन्मदिन नहीं, बल्कि जनविश्वास का उत्सव है।
राजस्व अमले में तहसीलदार दिलीप चौरसिया, तहसीलदार भूपेंद्र कैलासिया, नायब तहसीलदार, पटवारी एवं समस्त स्टाफ ने उपस्थित होकर बधाई दी। अनेक वरिष्ठ अधिकारियों एवं सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने भी शुभकामनाएँ प्रेषित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सोशल मीडिया पर भी दिनभर बधाइयों का सैलाब उमड़ता रहा।
इस अवसर पर एसडीएम आशुतोष शर्मा ने अत्यंत विनम्रता के साथ सभी का आत्मीय आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूँजी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे सदैव निष्पक्षता, संवेदनशीलता और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करते रहेंगे।
बैरसिया में यह अवसर केवल एक जन्मदिन नहीं रहा—यह उस विश्वास, सम्मान और आत्मीय रिश्ते का उत्सव बन गया, जो एक अधिकारी और जनता के बीच सच्ची सेवा भावना से स्थापित होता है।

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