
संवादाता मोहन चौहान लाइव भारत 36 न्यूज
हरदीबाजार | कोरबा | 28 दिसंबर 2025
ग्राम पंचायत हरदीबाजार में अधिग्रहण से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर सरपंच श्री लोकेश्वर सिंह कंवर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे केवल पद के नहीं, बल्कि पूरे गांव की आवाज़ और जनभावनाओं के सच्चे प्रतिनिधि हैं।
एसईसीएल दीपका क्षेत्र द्वारा 26 दिसंबर 2025 को अधिग्रहण को लेकर प्रस्तावित बैठक को ग्राम से बाहर आयोजित किए जाने पर सरपंच के सख्त और स्पष्ट रुख के कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। इस निर्णय को ग्रामीणों ने जनहित में लिया गया ऐतिहासिक कदम बताया।

सरपंच लोकेश्वर कंवर ने प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराते हुए स्पष्ट किया था कि अधिग्रहण जैसा महत्वपूर्ण विषय पूरे हरदीबाजार के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर चर्चा गांव से बाहर नहीं, बल्कि ग्राम हरदीबाजार में और सभी ग्रामीणों की सहभागिता से होनी चाहिए।
सरपंच के इस दमदार हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने बैठक स्थगित करते हुए यह आश्वासन दिया कि आगामी बैठक ग्राम हरदीबाजार में ही आयोजित की जाएगी।

इसी क्रम में आज 28 दिसंबर 2025 को सरपंच लोकेश्वर कंवर गांव के बीच पहुंचे और अधिग्रहण के मुद्दे को लेकर सीधे जनता से संवाद किया। उन्होंने हरदीबाजार के विभिन्न वार्डों के साथ-साथ भांठापारा और धनवार पारा के ग्रामीणों से भी विस्तार से चर्चा की और सभी की राय जानी।
ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा—
“आप हमारे मुखिया हैं, आप जो भी निर्णय लेंगे, वह हमें सर्वमान्य होगा।”
इस जनसंवाद बैठक में ग्राम पंचायत के निर्वाचित पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से—
वार्ड क्रमांक 7 के पंच श्याम रात्रे
वार्ड क्रमांक 6 की पंच नैन कुमारी ओढ़े
वार्ड क्रमांक 18 के पंच इन्द्रभूषध ओढ़े
वार्ड क्रमांक 13 की पंच चंदर काली ओढ़े
रमेश अहीर जी
भांठापारा एवं धनवार पारा के समस्त ग्रामीण उपस्थित रहे
बैठक में सर्वसम्मति से यह बात सामने आई कि अधिग्रहण से जुड़ा कोई भी निर्णय पूरे हरदीबाजार को एक इकाई मानकर लिया जाना चाहिए।
भांठापारा और धनवार पारा के ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे हरदीबाजार का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके अधिकार, जमीन और भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सरपंच लोकेश्वर कंवर ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा—
“जब तक हरदीबाजार का एक-एक परिवार संतुष्ट नहीं होगा, तब तक अधिग्रहण को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाएगा। गांव की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदीबाजार, भांठापारा और धनवार पारा में भरोसे और एकजुटता का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकेश्वर कंवर ने यह साबित कर दिया है कि वे हर परिस्थिति में गांव के हक़, सम्मान और भविष्य के लिए मजबूती से खड़े रहते हैं।
यह जनसंवाद ग्रामीण लोकतंत्र और मजबूत नेतृत्व की सशक्त मिसाल बनकर सामने आया है।




