चारामा नगर पंचायत उपचुनाव: वार्ड क्रमांक 13 में फिर लहराया कांग्रेस का परचम, मोहित नायक 85 वोटों से विजयीचारामा।

संवाददाता: टिकेश्वर देवांगन, चारामा
नगर पंचायत चारामा के वार्ड क्रमांक 13 के उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना परचम लहराया है. 1 जून को हुए मतदान के बाद घोषित हुए नतीजों ने कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल ला दिया है.
🗣️ “यह जीत मेरी नहीं, बल्कि पूरे वार्ड और कांग्रेस परिवार की है” – मोहित नायक
ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद नवनिर्वाचित पार्षद मोहित नायक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस बड़ी सफलता का पूरा श्रेय जनता और संगठन को दिया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “यह जीत मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है। यह जीत वार्ड क्रमांक 13 के सम्मानित वार्ड वासियों के अटूट विश्वास, क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सावित्री मंडावी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती भुनेश्वर नागराज , हमारे सभी साथी पार्षदों और कांग्रेस के एक-एक जमीनी कार्यकर्ता के अद्भुत सहयोग और कड़ी मेहनत का परिणाम है।”
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान जिस तरह से सभी वार्ड वासियों और कार्यकर्ताओं का साथ मिला, उसी के कारण यह जीत मुमकिन हो पाई है. उन्होंने इस ऐतिहासिक विजय के बाद सभी के प्रति सादर आभार प्रकट किया और दिल से सबको धन्यवाद ज्ञापित किया.
🚓 चाक-चौबंद प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था
मतगणना के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा गया. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), नगर पंचायत मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) सहित पूरी प्रशासनिक टीम और पुलिस बल मुस्तैद रहा. पूरे क्षेत्र में पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था देखी गई, जिसके चलते मतगणना प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई.
📊 चुनाव परिणाम के मुख्य आंकड़े:
कुल मतदाता: 533
कुल पड़े मत: 490
कांग्रेस प्रत्याशी (मोहित नायक) को मिले मत: 286
भाजपा प्रत्याशी (अनूप सोनकर) को मिले मत: 201
नोटा (NOTA) को मिले मत: 03
जीत का अंतर: कांग्रेस प्रत्याशी मोहित नायक ने भाजपा प्रत्याशी को 85 मतों से करारी शिकस्त दी.
📉 भाजपा की अंतर्कलह आई सामने
हालांकि यह महज एक वार्ड का उपचुनाव था, लेकिन चुनाव के शुरुआती रुझानों से ही कांग्रेस प्रत्याशी की बढ़त साफ नजर आने लगी थी. स्थानीय गलियारों में चर्चा है कि भाजपा द्वारा प्रत्याशी के नाम की घोषणा किए जाने के बाद से ही पार्टी के भीतर अंदरूनी असंतोष और अंतर्कलह की स्थिति बनी हुई थी, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिला. जीत की आधिकारिक घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं ने गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य विजय जुलूस निकाला.




