हिरासत में की गई मारपीट में रमेश चौहान के मृत्यु पर हत्या के मामला दर्ज हो … बाघे

सारंगढ़/ खरसिया थाना हिरासत में की गई मारपीट के कारण रमेश चौहान की हुई मृत्यु बेहद दुखद और निंदनीय है। यह सिर्फ एक मौत नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाली घटना है। सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिला के चौहान गांडा समाज के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गोपाल बाघे ने कहा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत हत्या का मामला दर्ज किया जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिया जाये। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वही प्रशासन ने सिर्फ दोषियों को बचाने में लगा हुआ है। हिरासत में पुलिस कर्मी द्वारा रमेश चौहान को बेवजह गुंडागर्दी कर मारा पीटा जाता है और उनकी हत्या हो जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार व पुलिस प्रशासन को तिनका भी दुख नही है। दोषी पुलिस कर्मी खुलेआम बाहर घूम रहा है। यह कहा कि न्याय है। पुलिस प्रशासन बताये रमेश चौहान के विरोध क्या धाराएं लगाए गए थे जिसके कारण उनको पुलिस थाना में लेकर उनके साथ मारपीट किया गया भारत के सविधान में पुलिस को मारपीट करने की अधिकार किसने दिया है। यह एक अनुसूचित जाति वर्ग के होने के कारण इस मामले को दबाया जा रहा है। गोपाल बाघे ने कहा कि प्रदेश में मानवाधिकार की हनन हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार पुलिस की वर्दी से गुंडागर्दी करवा रही है। और उनके विरुद्ध कार्यवाही करने की अपेक्षा संरक्षक दे रही है।सरकार दोषि पुलिसकर्मियों के विरोध तत्काल हत्या का मामला दर्ज करें ताकि अनुसूचित जाति के रमेश चौहान को न्याय मिल सके। उनके परिजनों को कलेक्टर दर पर नॉकरी व चंद मुआवजा देने की बात कर मामला को दबाया जाना कहा कि न्याय है।




