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आदि गुरु शंकराचार्य जयंती पर गूंजा ज्ञान और सनातन संस्कृति का संदेश


रिपोर्टर विनय पटेल

बैरसिया।। नगर के स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय सभागार में विश्व गीता प्रतिष्ठानम एवं जन अभियान परिषद बैरसिया के संयुक्त तत्वावधान में आदि गुरु शंकराचार्य जयंती श्रद्धा, भक्ति और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ आदि गुरु शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत एवं परिचय सुशील पांड्या द्वारा प्रस्तुत किया गया।
मुख्य अतिथि विश्व गीता प्रतिष्ठानम के केंद्रीय महामंत्री डॉ. विष्णु नारायण तिवारी ने अपने उद्बोधन में आदि गुरु शंकराचार्य को अद्वैत वेदांत के महान प्रवर्तक बताते हुए कहा कि उनका सिद्धांत “ब्रह्म सत्यं, जगत मिथ्या” भारतीय दर्शन की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने देश के चारों दिशाओं में मठों की स्थापना कर सनातन धर्म के पुनर्जागरण का कार्य किया।
मुख्य वक्ता जन अभियान परिषद के विभाग समन्वयक वरुण आचार्य ने शंकराचार्य को महान विद्वान, तपस्वी और जननायक बताते हुए कहा कि अल्पायु में ही उन्होंने अनेक भाष्यों एवं ग्रंथों की रचना कर विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राजीव शर्मा ने आदि गुरु शंकराचार्य को युगांतरकारी महापुरुष बताते हुए मंडन मिश्र के साथ हुए शास्त्रार्थ का उल्लेख किया और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में श्रीमती कोकिला चतुर्वेदी (भोपाल), हरिनारायण तिवारी, सुरेंद्र सिंह कुशवाहा (विदिशा) मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन रवि शंकर शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन श्रीमती टीना शर्मा ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर संतोष जैन, शिवनारायण पाल, मोहन सिंह अहिरवार, वीर सिंह राजपूत, किशोरी लाल, गंगाराम, गिरिराज सिंघल, मिट्ठूलाल मैथिल, हरि बल्लभ शर्मा, राकेश शर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, अंबरीश पटेरिया, मोकम सिंह यादव, प्रवीण सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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