रलिया में संतों का महासंगम: तीन दिनों तक गूंजेगा कबीर साहेब का अमर संदेश,सांसद ज्योत्सना महंत करेंगी शुभारंभ

संवादाता मोहन चौहान लाइव भारत 36न्यूज
जिला कोरबा के ग्राम रलिया में आगामी 09, 10 एवं 11 जनवरी 2026 को त्रिदिवसीय संत समागम समारोह, सात्विक यज्ञ एवं आनंदी चौका आरती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन पूर्णब्रह्म सत्यपुरुष कबीर साहेब के पावन आशीर्वाद से संपन्न होगा, जिसमें संत-महात्माओं के सान्निध्य में क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहेगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह संत समागम केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को सत्य, सद्भाव, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश देने का माध्यम भी है। तीन दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक महापर्व में बड़ी संख्या में कबीरपंथी अनुयायी, श्रद्धालु एवं ग्रामीणजन शामिल होंगे।
सांसद ज्योत्सना महंत होंगी मुख्य अतिथि
इस भव्य संत समागम में मा. ज्योत्सना महंत जी,
सांसद, कोरबा लोकसभा क्षेत्र,
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहकर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी।
जनप्रतिनिधियों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में
मा. तनवीर अहमद जी (छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश सचिव),
मा. नेहा तंवर (जनपद सदस्य),
मा. विष्णु कुमार विंध्यराज (सरपंच, ग्राम पंचायत रलिया),
मा. बेबी तंवर जी (पूर्व सरपंच),
मा. प्रभा तंवर जी (पूर्व जनपद सदस्य),
मा. प्रदीप कुमार राठौर जी (उपसरपंच),
मा. अमरसिंह चौहान जी (पूर्व उपसरपंच)
विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
संत-महात्माओं के प्रवचनों से मिलेगा आध्यात्मिक मार्गदर्शन
संत समागम में आचार्य ठाकुरदास महंत एवं इंदलदास महंत का विशेष सान्निध्य प्राप्त होगा।
साथ ही बंशी दास देवान,
प्रवचनकर्ता चैनदास महंत (धनबीरपुर) एवं
सागर दास महंत (बरपाली) द्वारा सत्संग, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन किया जाएगा।
कार्यक्रम का विस्तृत कार्यक्रम
09 जनवरी 2026 (शुक्रवार) –
शाम 5 बजे स्वागत समारोह, दीप प्रज्वलन, संतों का आशीर्वचन, सत्संग व भजन-कीर्तन।
10 जनवरी 2026 (शनिवार) –
गुरु महिमा पाठ, सत्संग, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन।
11 जनवरी 2026 (रविवार) –
भव्य आनंदी चौका आरती के साथ संत समागम का समापन।
मंच संचालन
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन
चन्द्रदास, चेतनदास, गोपाल विश्वराज, दीपक यादव एवं वीरबल विश्वकर्मा द्वारा किया जाएगा।
आयोजन को लेकर ग्राम रिलिया सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में उत्साह का माहौल है। आयोजन समिति ने सभी कबीरपंथी अनुयायियों, धर्मप्रेमी नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर संत समागम को ऐतिहासिक बनाने की अपील की है।




