बलौदा बाजार

क्षेत्र में बड़े हर्षोलाष के साथ मनाया गया लोक पर्व छेरछेरा

लाईव भारत 36 न्यूज से रायपुर संभाग से धीरेन्द्र साहू





रायपुर// छेर छेरा पर्व छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख लोक पर्व त्यौहार है जो पौष पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जब किसान अपने खेतों से धान की फसल घर में सुरक्षित कर लेते है। इस दिन बच्चे और बड़े समूह बनाकर घर घर जाकर  -छेर छेरा,कोठी के धान ला हेर हेरा- कहते हुए अन्न दान मांगते हैं।


इस लोकपर्व छेरछेरा के शुभ अवसर पर बलौदा बाजार जिला के ग्राम सीरियाडीह, सुनसुनिया, कोयदा, मरदा, लाटा अमलीडीह अहिल्दा,लवन,पैसर सहित पुरे क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से त्यौहार मनाया गया।
           इस अवसर गाँव के बुजुर्गो एवं सरपंच श्रीमती तुषा साहू ने कहा कि इस पर्व का उद्देश्य प्रकृति और फसल के प्रति आभार प्रगट करना है। यह पर्व समाज में एकता और भाईचारा की भावना को प्रबल करता है।इसी दिन लोग अपने घरों से धान का दान करते हैं जो परोपकार और दान पुण्य का प्रतीक है।
छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति कृषि जीवन सामाजिक समरसता और सौहार्दपूर्ण जीवन का एक सुंदर और जीवंत प्रतीक है। यह पर्व समाज के सभी वर्गों को एक साथ सामाजिक भेदभाव को मिटा कर साथ साथ रहने की प्रेरणा देता है।

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